आप जब अपना ब्लॉग शुरू करने जा रहे होते हैं तो प्लैटफॉर्म का चयन तथा मुफ़्त या पैसे वाली सेवा पर सर्वप्रथम विचार करना होता है. बुनियादी तौर पर यह सबसे पहला चरण होता है. इसके दूरगामी परिणाम या अपनी आवश्यकता का आकलन करते हुए ही आपको अपने ब्लॉग की स्थापना करनी चाहिए.

complete blogging guide in hindi
सम्पूर्ण ब्लॉगिंग गाइड – भाग 1

सर्वप्रथम आपको यह तय करना होगा कि आप अपने ब्लॉग में पैसे लगाना चाहते हैं या फ़िलहाल के लिए कोई मुफ़्त सेवा लेना चाहते हैं. मैं इसे क्रमबद्ध तरीके से समझाता हूँ :

मुफ़्त सेवा

इसमें आपको कोई पैसे नहीं खर्च पड़ने होते हैं. आपके सामने दो प्रमुख विकल्प है :

1. Blogger

अगर आपके पास अपना कोई gmail खाता है (google account) तो आप कभी भी blogger.com पर जाकर शुरुआत कर सकते हैं. इसकी सीमा (या रुकावट भी कह लें) यह है कि आपके मनपसंद वेब पता के सामने आपको blogspot.in लिखा मिलेगा. उदाहरण के तौर पर अगर आपने अपने ब्लॉग का नाम xyz चुना है तो आपको xyz.blogspot.in नाम से काम चलाना पड़ेगा. अगर आप सिर्फ अपना पता रखना चाहते हैं तो आपको कुछ पैसे चुकाने होंगे (आगे इसे विस्तार से बताया है)

2. WordPress

यह दूसरा अच्छा, प्रचलित और मुफ़्त विकल्प है. आपको बस wordpress.com पर जाकर अपना खाता तैयार करना है और ब्लॉग के लिए कोई पसंदीदा नाम चुनना है. इसमें फिर से आपको xyz.wordpress.com जैसा ही नाम मिलेगा.

tumbler, घोस्ट इत्यादि जैसे अन्य विकल्प भी हैं परन्तु उपरोक्त सेवाएँ सबसे ज्यादा प्रचलित है.

ऐसी सेवाएँ मुफ्त तो होती है, परन्तु इनमे कईं कमियाँ भी होती है. क्या करेंगे आप जब सेवा प्रदाता उसे अचानक बंद करने का विचार कर ले? सामग्रियों पर अधिकार की बात आये तो यह उनके ‘नियम और शर्तों’ पर आधारित होता है. इसकी तकनीकी खामियाँ भी है जो अलग से आपको बताऊँगा. इसे सीमा पढ़े या अड़चन.

सम्बंधित पोस्ट :   हैशटैग क्या है और इसका सही उपयोग कैसे करें ?

पैसे वाली सेवा

यहाँ फिर से आपके सामने दो विकल्प है.

मात्र कस्टम डोमेन नेम रखना

अगर आप ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते तो इस सेवा का लाभ ले सकते हैं. इसके तहत blogger या wordpress पर आप अपना खुद का डोमेन नाम रख सकते हैं. आपको xyz.blogspot.in या xyz.wordpress.com की जगह xyz.com मिल जायेगा. हालाँकि डोमेन नेम के अलावा आपको ज्यादा अन्य विकल्प नहीं मिलेगा (इसकी लाभ-हानि अलग लेख में दिए गए हैं). परन्तु अगर आप वेबसाइट बनाने से लेकर रखरखाव की पेचीदगी से बचना चाहते हैं तो यह एक अच्छा तथा सरलतम विकल्प है. अगर आप कस्टम डोमेन नेम के साथ इस विधि से ब्लॉग का संचालन करना चाहते हैं तो मेरे व्यक्तिगत सलाह के है कि वर्डप्रेस का ही चुनाव करें. अगर आप बाद में सेल्फ होस्टेड डोमेन की दिशा में जाएंगे तो आपको बहुत मदद मिलेगी.

सेल्फ़ होस्टेड ब्लॉग

सेल्फ़ होस्टेड ब्लॉग* की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहाँ डोमेन नेम से लेकर वेबसाइट डिज़ाइन तक की चीज़ें आपके हाथ में होती है. आप चाहे इसे जो शक्ल दें, जैसे व्यव्हार में लाना चाहे इत्यादि की पूर्ण स्वतंत्रता होती है. परन्तु इसके लिए आपको अलग से वेबस्पेस लेना होगा और सिक्यूरिटी से लेकर शेष रखरखाव की जिम्मेवारी आपकी खुद की बनती है (या न तो सरल है और न ज्यादा कठिन). आप चाहे तो इसके लिए किसी वेब डेवलपर की मदद ले सकते हैं. आपके आवश्यकतानुसार यह कम से लेकर ज्यादा खर्चीला हो सकता है, परन्तु यह आपके ब्लॉग को एक प्रोफेशनल छवि देता है.

सम्बंधित पोस्ट :   Wordpress या Blogger - कौन बेहतर ? सम्पूर्ण ब्लॉगिंग गाइड (भाग 2)

* मेरी राय में आप इसके लिए wordpress का चुनाव करें जिसकी विस्तृत जानकारी आप आगे पढेंगे.

उपरोक्त बातों पर अमल-विचार कर आप ब्लॉगिंग के सबसे पहली परन्तु महत्वपूर्ण आवश्यकता पार कर लेते हैं. ब्लॉगिंग संसार में आपका स्वागत है !

Topics Covered : Blogger, WordPress, Blogging Platform, How to make a blog, Complete Blogging Guide in Hindi

आपकी टिप्पणी

टिप्पणी

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here