अगर आपने Self Hosted Blog का चुनाव किया है तब Domain Name के अलावा Web Hosting भी आपकी मूल आवश्यकता होगी. Blogger या WordPress (मुफ़्त सेवा) पर जब आप ब्लॉग बनाते हैं तब अपने लेख से लेकर सभी सामग्री (जैसे चित्र, डाक्यूमेंट्स इत्यादि) आप उनके Web Server पर ही रखते हैं. परन्तु सेल्फ होस्टेड ब्लॉग में आपको इसकी व्यवस्था खुद करनी पड़ेगी. इसके लिए आपको Web Space की आवश्यकता होगी जहाँ आपकी सभी फाईलें रखी जाएगी.

choosing a right web host
यह आपके वेबसाइट के मूलभूत सुविधा में आता है

कंप्यूटर लेते समय एक अच्छे हार्ड डिस्क की जितनी महत्ता है उतना ही आपके वेबसाइट के लिए वेब होस्टिंग सेवाप्रदाता और उनकी पेशकश. यह वही सेवा है जो आपको अपने वेबसाइट पर सामग्री रखने तथा पाठकों तक उसे पहुंचाने की सुविधा प्रदान करता है.

एक अच्छा व कारगर Webspace या Web Hosting Service लेने से पहले निम्न बिन्दुओं पर अवश्य विचार करें. इनकी जानकारी और समझ कतई जटिल नहीं है !

1. Webspace – क्या और कितना ?

कुल Webspace आपकी आवश्यकता पर आधारित होता है. इसका निर्धारण इस बात से कर सकते हैं कि आप कितना फाइल अपलोड करना या सर्वर पर रखना चाहते हैं. एक आम ब्लॉग के लिए 500MB-1GB पर्याप्त है. कई Hosting Service Provider आपको असीमित जगह का भी विकल्प देती है. ऐसा लेने से पहले उनके नियमावली जरूर पढ़ लें क्युकी यह कई बार ग्राहकों को भ्रमित करने के लिए या महज़ एक मार्केटिंग स्टंट होता है.

बोनस टिप्स : अगर चुनिन्दा वेब सेवा प्रदाता आपके सामने कई विकल्प रखता है तो शुरुआत में कम वाला ले सकते हैं और आवश्यकतानुसार भविष्य में इसे घटा-बढ़ा सकते हैं जो आपके लिए किफायती होगा. अगर आप उनके परफॉरमेंस को लेकर आसक्त होना चाहते हैं तो शुरुआत में कम समयावधि वाला प्लान लें और संतुष्ट होने पर इसे बढ़ा लें या बदल लें.

2. Monthly Bandwidth – अपेक्षित पाठक संख्या के अनुसार ही लें

कुल बैंडविड्थ की आवश्यकता इस बात पर निर्भर करती है कि आपके वेबसाइट पर कितने लोग आएंगे और कितनी सामग्री download करेंगे (वेबसाइट खुलने का मतलब ही है कि पाठक डाटा डाउनलोड कर रहे हैं – इसे अलग से डाउनलोड न समझें).

बहुत सारे webhost असीमित बैंडविड्थ भी उपलब्ध कराते हैं, परन्तु उपरोक्त बिंदु के अनुसार इसका भी आकलन कर लें और नियमावली देख लें.

3. Uptime – अत्यंत महत्वपूर्ण

“सर्वर डाउन चल रहा है” – अगर आपने कभी यह सुना होगा तो Uptime भी समझ सकते हैं.

Uptime एक तरह से उनके गुणवत्ता का मानक है और यह आपके वेबसाइट के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भी. यह दर्शाता है कि उनका सर्वर कितने देर (प्रतिशत में) ऑनलाइन या उपलब्ध रहता है. हालाँकि लगभग सभी WebHost 99.9% या इससे ज्यादा का दावा करते हैं, फिर भी आप विभिन्न फोरम में या किसी विशेषज्ञ मित्र से राय जरूर ले लें. इनमे कुछ अग्रणी नाम है Hostgator (Hostgator India से परहेज करें), BlueHost और DreamHost.

4. Linux या Windows प्लेटफार्म ?

ज्यादातर सेवा प्रदाता Linux पर आधारित सर्वर ही उपलब्ध कराते हैं. अगर आपका वेबसाइट .net तकनीक पर बना है तो Windows प्लेटफार्म लें. WordPress तथा अन्य प्रचलित ब्लॉगिंग प्लेटफार्म के लिए Linux सबसे अच्छा या अनिवार्य विकल्प है.

आम तौर पर ज्यादातर लोग Linux पर आधारित सर्वर को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि कई मामले में यह Windows Server से बेहतर और उपयुक्त होता है. परन्तु आप अपनी आवश्यकता को प्रधानता देते हुए ही इसका चुनाव करें.

5. Multiple Domains – एक से अधिक वेबसाइट या ब्लॉग के लिए

यह एक वैकल्पिक सुविधा है जो लगभग सभी सेवा प्रदाता आपको देते हैं. बताई गयी राशि के अनुसार वह आपको एक या एक से अधिक डोमेन नेम के साथ वेब होस्टिंग की सुविधा देते हैं. इसका लाभ यह होता है कि दुसरे या अन्य डोमेन के लिए आपको अलग से होस्टिंग स्पेस लेने की ज़रूरत नहीं होती. हाँ, आप यह अवश्य सुनिश्चित कर लें कि इसके लिए आपके पास पर्याप्त webspace और bandwidth है.

बोनस टिप्स : Web Hosting Service Providers कई बार Coupon Code के तहत भारी छूट भी देती है. पूरी राशि अदा करने से पूर्व गूगल पर एक बार उस कंपनी के नाम से Discount Coupons अवश्य खोज लें.

इसके अलावा आप अन्य सुविधा जैसे अलग से wordpress के लिए उन्नत सेवा, CDN की सुविधा, email account की सीमा एवं संख्या, कुल डेटाबेस की संख्या-सीमा इत्यादि की भी जाँच कर लें. इस बात को इंगित करने की जरुरत नहीं कि कोई समस्या आने पर सेवा प्रदाता त्वरित कार्यवाही या आपकी सहायता करे.

नोट : डोमेन नेम की तरह उपरोक्त सेवा भी दिए गए समयावधि पर आपको ‘renew’ करना होता है.

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Topics Covered : How To Choose A Good Web Hosting Service, Choosing Right Webspace & Bandwidth Plans, Web Hosting Related Tips in Hindi


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